Contributing to Indian Economy

GST Logo
  • GST Suvidha Kendra®

  • H-183, Sector 63, Noida

  • 09:00 - 21:00

  • प्रतिदिन

पीएम स्वामित्व योजना

Contact Us
पीएम स्वामित्व योजना

पीएम स्वामित्व योजना

gst suvidha kendra ads banner

आज हम इस लेख में स्वामित्व योजना के बारे में विस्तार से जानेंगे। इस लेख में हम स्वामित्व योजना क्या है। स्वामित्व योजना में ऑनलाइन कैसे आवेदन कर सकते हैं इसके लाभ पात्रता क्या है? इन सब के बारे में हम इस लेख में विस्तार से पढ़ेंगे। जैसा कि हम सबको पता है भारत देश अब डिजिटल की ओर बढ़ रहा है। इसका पूरा सहयोग हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। भारत देश के प्रधानमंत्री डिजिटल इंडिया के तहत हर समय कुछ नया ऑनलाइन प्रोग्रामों की शुरुआत करते हैं। ग्रामीण स्वामित्व योजना की शुरुआत भी डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए की गई है। इस योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ई ग्राम स्वराज पोर्टल की शुरुआत करी है। इस पोर्टल द्वारा सभी ग्रामीण निवासी अपनी जमीन की जानकारी ऑनलाइन देख सकते हैं। किसी भी ग्रामीण व्यक्ति को ग्राम समाज से जुड़ी किसी प्रकार की समस्या का हल भी ई ग्राम स्वराज पोर्टल से प्राप्त कर सकते हैं। दोस्तों अब हम पीएम स्वामित्व योजना को विस्तार से पढ़ते हैं।

स्वामित्व योजना संपत्ति कार्ड क्या है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए से सभी भू मालिकों को स्वामित्व योजना संपत्ति कार्ड देने की घोषणा करी है इस योजना के तहत सभी  प्रॉपर्टी डीलर को एक लिंक मैसेज द्वारा भेजा जाएगा। जिसके बाद सब उस लिंक पर जाकर अपना स्वामित्व योजना संपत्ति कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। प्रत्येक राज्य की सरकार उस स्वामित्व योजना संपत्ति कार्ड में दर्ज करी गई संपत्ति की फिजिकल वितरण करेंगे। कोई भी ग्रामीण व्यक्ति इस योजना और स्वामित्व योजना संपत्ति कार्ड के द्वारा किसी भी बैंक में लोन बहुत आसानी से प्राप्त कर सकता है। भारतीय सरकार द्वारा 11 अक्टूबर 2020 को कुछ राज्य के नेताओं के नागरिकों को उनके जमीन का मालिकाना हक के कागजों पे गए थे। इनमें से कुछ  राज्यों के गांव इस प्रकार हैं।

  • हरियाणा के 221 गांव
  • उत्तर प्रदेश के 346 गांव
  • महाराष्ट्र के 100 गांव
  • मध्य प्रदेश के 44 गांव
  • उत्तराखंड के 50 गांव
  • और कर्नाटक के 2 गांव

स्वामित्व योजना संपत्ति कार्ड की वजह से सभी संपत्ति का डिजिटल ब्यौरा रखा जा सकता है। इस योजना के माध्यम से सभी गांव की आबादी की भी जनगणना शुरू कर दी गई है। राजस्व विभाग द्वारा विवादित जमीनों के मामले को निपटाने के लिए डिजिटल अरेंजमेंट भी शुरू कर दिया गया है।

2021- 22 में स्वामित्व योजना का क्या बजट रहा?

स्वामित्व योजना के लिए राज मंत्रालय ने 913.43 करोड़ रुपए का बजट सन 2021 22 के लिए घोषित किया गया। यदि हम पिछले वर्ष के तुलना इस वर्ष के बजट से करें तो यह उससे 32% अधिक है। 593 करोड रुपए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज के लिए आरक्षित है और 200 करोड़ रुपए स्वामित्व योजना के लिए आरक्षित किया गया। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने 130 ड्रोन टीमें फिजिकल वितरण के लिए तैयार की गई है। इन टीमों के पास मांस और ब्राउन तैनात किए जाएंगे। इसी के साथ भारतीय ड्रोन निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा।

पीएम स्वामित्व योजना हाइलाइट्स 2021

योजना का नामपीएम स्वामित्व योजना
विभागपंचायती राज मंत्रालय
घोषणापीएम मोदी द्वारा 24 अप्रैल 2020
आरंभ तिथि24 अप्रैल 2020
उद्देश्यलोन लेने में सुविधा
वेबसाइटhttps://egramswaraj.gov.in

स्वामित्व योजना कंटिन्यूज ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन

पंजाब राजस्थान हरियाणा और मध्य प्रदेश राज्यों की जमीन की मैपिंग करने के लिए कंटिनेस ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन जगह-जगह पर स्थापित करें गए हैं। इन स्टेशनों की संख्या लगभग 210 है। भारतीय सरकार द्वारा इस योजना के तहत 2022 तक पूरे देश में कंटेनर ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन का नेटवर्क होगा। यह सभी कंटीन्यूअस ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन मार्च 2021 से शुरू कर दिए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत 5 दशमलव 4100000 गांवों को शामिल कर आ गया है। इन सभी के लिए भारत सरकार ने लगभग 566.23 करोड रुपए का प्रस्ताव रखा है। 2021- 22 के अंतर्गत इस योजना के अंदर लगभग 16 नए राज्यों को शामिल कर आ जाएगा। इन सब राज्यों के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपए का बजट घोषित किया है।

स्वामित्व योजना के अंतर्गत सर्वे प्रक्रिया

इस योजना के लिए भारत सरकार ड्रोन के द्वारा जमीनों का सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे यह बहुत सारे चरण है। सबसे पहले जीपीएस जॉन की मदद से एरिया का सर्वे किया जाता है। जो मकान और घर गांव में स्थित है उनकी जियो टैगिंग करी जाती है साथ ही साथ में उनका पूरा क्षेत्रफल भी दर्ज किया जाता है। इसके बाद हर एक मकान को अलग यूनीक आईडी दी जाती है। यही यूनिक आईडी उस घर का पता होता है। इसी प्रक्रिया के साथ-साथ लाभार्थी का पूरा पता डिजिटलाइज्ड हो जाता है। इस प्रक्रिया के कारण ग्रामीण वासियों में जमीन को लेकर झगड़े कम हुआ करेंगे। इससे पहले किसी भी ग्रामीण नागरिक के पास जमीन के पक्का दस्तावेज नहीं हुआ करते। सर्वे के बाद गांव के नागरिकों को लिखित दस्तावेज सरकार द्वारा दिए जाएंगे।

  • इस सर्वे के अनुसार इन सब लोगों का होना बहुत अनिवार्य है जैसे सर्वे की टीम, ग्राम पंचायत का सदस्य, मकान का मालिक, राजस्व विभाग के अधिकारी, और पुलिस टीम का होना बहुत अनिवार्य है।
  • कोई जमीन का मालिक अपनी जमीन से अधिक जमीन पर कब्जा कर लेता है। उस समय ड्रोन से पुरानी तस्वीरें देखी जाएंगे।

स्वामित्व योजना में आपत्ति दर्ज करने का क्या समय है?

जब भी किसी गांव का सर्वे करना होता है तब उस गांव के मुखिया या फिर प्रधान को पहले से ही सर्वे की सूचना दी जाती है। इसी वजह से जिन लोगों को गांव से बाहर जाना है वह उस दिन ना जाए और सर्वे वाले दिन सभी गांव वाले एक  जगह पर उपस्थित रहे।  सर्वे टीम और सरकार द्वारा उस गांव का पूरा नक्शा तैयार किया जाएगा। इसके बाद जिस  ग्रामीण निवासी की जो जमीन है। वह उसके नाम पर हो जाएगी। यदि किसी नागरिक को अपनी जमीन को लेकर कोई आपत्ति हो तो वह नागरिक अपनी आपत्ति को  कम से कम 15 दिन या अधिक से अधिक 40 दिन के अंतराल में आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। जिस गांव में किसी निवासी को कोई आपत्ति नहीं होती तब राजस्व विभाग के अधिकारी उस गांव के निवासियों को जमीनों के कागज मुहैया करवा देते हैं।

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना का क्या उद्देश्य है?

स्वामित्व योजना की शुरुआत कोरोनावायरस संकट के बीच में हुई थी। इस योजना का ऐलान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा किया गया था। इस योजना का संबोधन 24 अप्रैल 2020 को हुआ था। यह दिन पंचायती राज दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस योजना का मुख्य कारण यह था कि सभी किसान अपनी ग्रामीण जमीनों को ऑनलाइन तरीके से देखरेख कर सकते हैं। इस योजना के अंतराल में भारतीय सरकार ने 10 जिलों का चयन किया था और बाकी कुछ बचे हुए जिलों का चयन आने वाले वर्ष में कर आ जाएगा। सभी ग्रामीण निवासियों को जमीनों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के बाद वह किसी भी बैंक से ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत सभी नागरिकों को बहुत लाभ मिला है जैसे कि।

  • प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के संबोधित होने के बाद संपत्ति नामांकन प्रोसेस और भी सरल हो गया है।
  • सर्वे टीम द्वारा जीपीएस ड्रोन से पूरे गांव का मैप इन करा जाएगा।
  • भूमि विवाद और भ्रष्टाचार दोनों ही इस योजना से काफी हद तक कम हो जाएंगे।
  • आने वाले समय में यदि किसी किसान यहां ग्रामीण निवासी को किसी भी बैंक से ऋण लेने में बहुत आसानी हो जाएगी।

स्वामित्व योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया कैसे करनी है?

इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना है।

  • सबसे पहले लाभार्थी को स्वामित्व योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • इसके बाद वेबसाइट का होम पेज  लाभार्थी के सामने खुल जाएगा। वहां पर लाभार्थी को न्यू रजिस्ट्रेशन नामक ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
  • अबला भारती के समक्ष एक आवेदन पत्र होगा। उस आवेदन पत्र में पूछी गई सभी जानकारी लाभार्थी को सही पूर्वक भरनी है।
  • सभी जानकारी भरने के बाद लाभार्थी को समिति ऑप्शन या बटन पर क्लिक करना है।
  • लाभार्थी ने स्वामित्व योजना का ऑनलाइन आवेदन पत्र सफलतापूर्वक भर लिया है। स्वामित्व योजना की ओर से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर लाभार्थी को मैसेज प्राप्त हो जाएगा।

स्वामित्व योजना प्रॉपर्टी कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड कैसे करें?

कोई भी भारतीय नागरिक जो स्वामित्व योजना प्रॉपर्टी कार्ड को ऑनलाइन तरीके से डाउनलोड करना चाहते हैं। वह नीचे दिए गए तरीके को अपनाकर स्वामित्व योजना प्रॉपर्टी कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

  • सबसे पहले भारतीय नागरिक को पीएम स्वामित्व योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • वहां पहुंचकर लाभार्थी को अपने रजिस्टर्ड नंबर पर ओटीपी मंगाना होगा। यह ओटीपी आगे प्रयोग में लिया जाएगा।
  • ओटीपी को सही तरीके से अपने स्थान पर दर्ज करना होगा।
  • और फिर सभी सरकारें अपने-अपने राज्य को और प्रॉपर्टी धारकों को संपत्ति कार्ड बाटेंगे।

 

gst suvidha kendra ads banner

Share this post?

custom

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

thirteen + nine =

Shares